10 Powerfull Habits For Success || Successful People Habits !! सफल लोगों की 10 आदतें ||
इस पोस्ट को आप एक नॉर्मल पोस्ट की तरह पढ़कर स्किप मत कर देना। यह पोस्ट तुम्हारी जिंदगी पूरी तरह बदलने की ताकत रखती है। और मैं तुम्हें जो 10 आदतें बताने वाला हूँ उनको कभी भूलना मत, कहीं पर नोट करके रखना धीरे धीरे अपने जीवन में फॉलो करना शुरू करो। जो ना केवल आपको सफलता दिलाएगी बल्कि आपको एक ऐसा अच्छा इंसान भी बनाएगी। जीस को देखकर लोग यही बोलेंगे कि मैं भी इस इंसान के जैसा बनना चाहता हूँ तो इन 10 आदतों में से पहली आदत है।
1. सुबह जल्दी उठने की आदत सुबह जल्दी उठने की आदत डालिए। अगर दुनिया की कोई नंबर वॅन हैबिट है, जो हर एक सक्सेसफुल इंसान फॉलो करता है तो वो है सुबह के अलार्म की पहली घंटी को हरा के बिस्तर छोड़कर खड़े हो जाना। अगर आप अलार्म की पहली बेल्ल पर बिस्तर छोड़कर खड़े हो जाते हैं और अपने बिस्तर को फोल्ड करके। अपने दिन को शानदार बनाने के लिए काम करना शुरू कर देते हैं तो यकीन मानिए कि पूरे दिन में ऐसी कोई चुनौती नहीं होगी। जीस को आप हरा ना सको सुबह जल्दी उठना ये दिखाता है कि आप में कितनी विल पावर है। आपकी लाइफ में आपके सपनों को साकार करना कितना ज्यादा जरूरी है। सुबह जल्दी उठने का मतलब है एक्स्ट्रा टाइम, एक्स्ट्रा एनर्जी, एक्स्ट्रा एफर्ट्स, जो आपको जिंदगी में हमेशा कुछ एक्स्ट्रा ही दिलाएगा। अगर आप सुबह लेट उठने की आदत से मजबूर है तो डेली अपने अलार्म को 5 मिनट पहले लगाइए और कुछ ही दिन में आप आज की तुलना में सुबह जल्दी उठना शुरू कर देंगे।
2. हमारी दूसरी हैबिट है हमेशा अपने लक्ष्य के लिए कुछ नया सीखते रहे। ये एक बहुत तगड़ी आदत है जो हर एक उस महान इंसान में है जो अपने फील्ड का बादशाह है। चाहे वो क्रिकेट के सचिन तेन्दुलकर हो चाहे वो फिल्मों के अक्षय कुमार हो, चाहे कोई भी ऐसा नाम हो जो अभी अभी सक्सेसफुल हुआ है। हमेशा नया सीखें इस ज़िन्दगी में आप जितना भी सीखते हो। कभी ना कभी वो काम जरूर आता है। सक्सेसफुल लोग अपने सपनों को पाने के लिए हर तरह के एक्स्पेरमेन्ट करते हैं। अपने सपनों के बारे में हर एक वो बात जानना चाहते हैं जो उस सपने को और आसान बना दे। भले ही आप एक लाइन का ज्ञान सीखो लेकिन हमेशा कुछ नया जरूर सीखो। दुनिया में ज्ञान की कोई कमी नहीं है, लेकिन जीस फील्ड के बादशाह आप बनना चाहते हो उसके बारे में हमेशा नया सीखने के लिए तैयार रहे। हो सकता है आप कोई ऐसी चीज़ सीख जाए जो आपको इतना हासिल करके दे दे जितना आपने सोचा भी नहीं हो। पर इसके लिए आपको हमेशा एक बच्चा बनके सीखना पड़ेगा।
3. हमारी तीसरी आदत है। बोले कम और सुने ज्यादा भगवान ने इंसान को दो कान दिए हैं और एक मुँह दिया है। सुने ज्यादा और बोले आधा सुनने वाले कभी भी नुकसान में नहीं रहते। सुनने वालों को हमेशा कुछ ना कुछ एक्स्ट्रा सीखने को मिलता है। कम बोलने का मतलब है एनर्जी का कम वेस्ट होना, लोगों के मुँह ज्यादा नहीं लगना। किसी के सामने हल्के नहीं पड़ना, किसी से बिना मतलब के उलझना नहीं। कम बोलने वाले और ज्यादा सुनने वाले लोग बहुत ज्यादा फायदे में रहते हैं। जब इंसान कम बोलता है ना तो उसके सोचने की शक्ति बहुत ज्यादा होती है। जब इंसान कम बोलता है तो वो खुद से ज्यादा जुड़ा रहता है। उसके अंदर के विचार इतने पावरफुल होते हैं। जीतने किसी भी मंजिल को खुद के घुटनों के तले लाने पे मजबूर कर सकते हैं।
4. हमारी चौथी आदत है लोगों को ना बोलना सीखो और मना करना सीखो। हम कोई कठपुतली नहीं है जो हर बात पर जी भैया, जी सर, हाँ जी करते रहे, मैं एक अलग इंसान हूँ। मेरे सपने अलग हैं तो मेरे रूल्स भी अलग होंगे। मेरी मंजिल अलग है। तो मेरा रास्ता भी अलग होगा। अगर मुझे कोई चीज़ पसंद नहीं है तो मतलब नहीं है। बात खत्म। मत सोचो की लोग क्या सोचते हैं? जरूरी नहीं कि जो तरीका औरों के लिए काम करें वो मेरे लिए भी काम करें। मैं भी औरों का तरीका इस्तेमाल करूँगा तो तो ज़ाहिर है कि औरों के जैसा ही बन जाऊंगा। मैं इस दुनिया का सबसे अलग इंसान हूँ। और मुझे मतलब ना बोलने का पूरा हक है। हर उस बात के लिए उस काम के लिए जो मेरे सपने के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। अगर आपका मन नहीं है दोस्तों के साथ घूमने जाने का तो मना करना सीखिए। अगर आपको डॉक्टर नहीं सोल्जर बनना है तो मना करना सीखिए कि मुझे डॉक्टर नहीं बनना सोल्जर बनना है। जबरदस्ती ज्यादा दिन तक नहीं चलती और ना कुछ हासिल करके देती है। मना करना सीखिए क्योंकि मना करने पर आप औरों की नजर में कुछ वक्त के लिए गलत बन सकते हो, लेकिन खुद की नजर में और आने वाले ज़माने की नजर में कभी गलत नहीं बनोगे। इस बारे में ज़रा सोचिए,
5. हमारी पांचवी आदत है। बेहतरीन तरीके से रिस्क लेना सीखें इस दुनिया में सबसे बड़ा रिस्क है। कि कोई रिस्क नहीं लेना। अगर आप रिस्क नहीं ले रहे हैं तो आप एक बहुत बड़ा रिस्क ले रहे हैं अपनी जिंदगी को बर्बाद करने का या वहीं पर हमेशा के लिए अटक जाने का रिस्क ले रहे हो। आज आप जहाँ पर हो, इसी वक्त अपने मन से रिस्क लेने का डर निकाल दीजिए।कि लोग क्या सोचेंगे? लोग मजाक उड़ाएंगे, आपका समय बर्बाद हो जाएगा। आपके पैसे वेस्ट हो जाएंगे। इंसान को जन्म से लेकर मौत तक केवल तीन चीजें चाहिए रोटी, कपड़ा और मकान जो कि पाना कोई मुश्किल बात नहीं है। इसके अलावा आपके पास में जो कुछ भी है वो आपके पास एक्स्ट्रा ही है। उसको अगर आप खो भी दो तो भी बूढ़े होकर मौत के दरवाजे तक तो पहुँच ही जाओगे, लेकिन हमारा मकसद सुरक्षित रहकर मौत के दरवाजे तक पहुंचना नहीं है, बल्कि एक असली योद्धा की तरह हर चुनौती को धूल चटाकर, हर तरह का रिस्क लेकर एक शानदार विजेता का ताज पहनकर, बूढ़े होकर मौत के दरवाजे तक पहुंचना है। रिस्क लेना चाहिए।रिस्क लेना सीखिए आप रिस्क लेने का कभी भी अफसोस नहीं करेंगे, लेकिन अगर रिस्क नहीं लिया तो अफसोस उस वक्त होगा जब आप एक बिस्तर पर लेटे होंगे और नाक में ऑक्सीजन का पाइप लगा होगा।
6. ज़िन्दगी बदल देने वाली छठी आदत है। उस इंसान को समझने की कोशिश कीजिये जिसके साथ आप अगले 60 साल गुज़रने वाले हो। और वो इंसान है। आप खुद, खुद को कितना टाइम देते हैं, आप अपने पास्ट के बारे में कितना सोचते हैं, अपने प्रेसेंट को मैनेज करने के बारे में कितना सोचते हैं और अपने फ्यूचर के बारे में कितना सोचते हैं? क्या आप दिन में सिर्फ 10 मिनट कहीं शांत अकेले बैठ कर इस बारे में सोचते हैं कि आपकी लाइफ में क्या चल रहा है? आप कहाँ से आए थे? अभी आप कहाँ पे हो और आगे आपको कहाँ पर जाना है? आपकी आज की सबसे बड़ी जरूरत और सबसे बड़ी चुनौती कौन सी है? आपको आपके खुद के अलावा कोई भी इंसान बेहतर ढंग से नहीं समझ सकता। इस बात को समझिए अगर समझ भी सकता है आपको कोई इंसान लेकिन जो फीलिंग अभी आपके मन में चल रही है ना इस वक्त उसको आपके अलावा और कोई भी महसूस नहीं कर सकता। अपने आप को केवल 10 मिनट दीजिए और उस 10 मिनट में कोई भी दूसरा इंसान आपके पास होना नहीं चाहिए और ना ही कोई स्मार्ट फ़ोन। कोई काम आपके पास ना हो। अगर हो तो केवल आप। और आपके विचार उस वक्त आप पूरे अकेले रहो और केवल और केवल खुद से बातें करो, खुद के हालचाल पूछिए जैसे तुझे क्या चाहिए? तू बोल तो सही मैं हूँ ना तेरा ख्याल रखने वाला।
7. हमारी सातवीं आदत है, निर्णय लेना सीखिए। ऐसे कितने काम है जो आपने आज तक पेंडिंग छोड़ रखी है? ऐसे कितने डिसीजंस है जो आज आपके लिए लेना बहुत ज्यादा जरूरी है लेकिन आप लेना नहीं चाहते। डिसीजन ही नहीं लेना चाहते कि आपको इस रिलेशनशिप में रहना है या नहीं। डिसीजन ही नहीं लेना चाहते कि आपको इस जॉब को छोड़ना है या नहीं। डिसीजन ही नहीं ले पाते कि। आपको बायो लेनी है, मैथ लेनी है, आपको नर्सिंग करनी है या आपको इंजीनियरिंग करनी है, आपको POlice बनना है या IPS Officer बनना है? डिसीजन लेना सीखिए डिसीजन नहीं लेने से कई गुना बेहतर है कि कोई एक डिसीजन लेकर उसको सही साबित करने की कोशिश की जाए। जब एक बार डिसीजन ले लिया ना आपने तो उसके बाद अक्शॅन पे आ जाना चाहिए। जीतने भी सुपर सक्सेसफुल इंसान है ना उनके डिसीजन लेने और अक्शॅन एंड करने के बीच का जो टाइम गैप होता है ना वो हमेशा जीरो अगर आपने रात को 10:00 बजे कोई डिसीजन लिया है, आपने कोई प्लान बनाया है कि ये काम करेंगे तो 10:01 पर आपके option उस डिसीजन को सपोर्ट करते हुए दिखने चाहिए।
8. हमारी जिंदगी बदल देने वाली आठवीं आदत है। समय को काम में लेना सीखिए। समय एक ऐसा बैलेंस है जो हमेशा कम होता रहता है, इसके कम होने की दर समान है और ये एक कॉन्स्टेंट है। समय पर किसी चीज़ का फर्क नहीं पड़ता।समय ही एक ऐसा पैरामीटर है जिसके साथ आप दौड़ तो सकते हो लेकिन उसके पीछे नहीं रह सकते और ना ही आगे निकल सकते हो। आज जो भी आपकी लाइफ में चल रहा है उसका आपको सामना करना ही पड़ेगा। समय के साथ चलना सीखिए और आज के समय में अपने सबसे इम्पोर्टेन्ट काम को करते हुए आपको चलना है। समय के बहाव में अगर एक बार पीछे छूट गए ना तो फिर जितनी मर्जी रेस लगा लेना लेकिन वो पहले वाली बात है तो कभी नहीं होगी। जो सो रहा है ना वो डेफिनिट्ली कुछ ना कुछ खो रहा है और जो जाग रहा है ना वो भाग रहा है। हम सब जब पैदा होते हैं ना तो हमारी लाइफ के टाइमर को ऊपर वाला स्टार्ट कर देता है और उस दिन से हमारी उल्टी गिनती ही शुरू होती है। मेरे दोस्त समय बर्बाद मत कर,
9. जिंदगी बदलने वाली नौवीं आदत है फालतू के लफड़े को लात मारना सीखिए। आज सुबह से कितने नोटिफिकेशंस आए आपके मोबाइल में? अगर आपको नोटिफिकेशन को स्वाइप ही करना है ना तो इससे अच्छा है कि ऐप नोटिफिकेशन को सेट्टिंग में जाकर।पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाए। या अगर वो ऐप इम्पोर्टेन्ट नहीं है तो तो उसे अपने मोबाइल से अनइंस्टाल कर दो। अगर आपको किसी ग्रुप में मज़ा नहीं आ रहा है तो उसे छोड़ देना बेहतर है। फिर चाहे वो आपके फ्रेन्डस का ग्रुप हो, चाहे व्हाट्सएप का ग्रुप हो, चाहे कहीं का भी ग्रुप हो, अगर आपको खुद का काम करने का मन कर रहा है। और आपके पास में एक बेहतरीन आइडिया है तो छोड़िए अपने नौ से पांच के जॉब को और काम करना शुरू कीजिए। अपने सपने पर आप अगर अपनी लाइफ में अपने काम पर कॉन्सन्ट्रेशन करना चाहते हैं डिस्ट्रैक्शन को हटाना ही पड़ेगा। जीतने भी लफड़े आपने पाल रखे हैं ना उसको हटाइए क्योंकि उनमें उलझे रहकर आपके सपने केवल सपने ही रह जाएंगे।
10. जिंदगी बदल देने वाली दसवीं आदत है। पैसा कमाइए, बचाइए और सबसे इम्पोर्टेन्ट इन्वेस्ट कीजिए लेकिन वेस्ट कभी मत कीजिए। आपके रूम में एक बार चारों तरफ नजर उठाकर देखिए। ऐसे कितने सारे चीजें हैं। जो आपने जोश में आकर खरीद तो ली है लेकिन अब वो पड़े पड़े धुल खा रहे हैं। अलमारी खोल के देखिये ऐसे कितने कपड़े हैं जो आपने खरीदने के बाद केवल दो चार बार ही पहने हैं। जब आपको लगे की मुझे ये चीज़ खरीदनी चाहिए तो आप अपने आप से कहें। ये चीज़ तो मैं खरीदूंगा लेकिन 10 दिन बाद खरीदूंगा। देखना आपके जो डिसीजंस होंगे ना, जो फालतू चीज़ को खरीदने वाले डिसीजंस थे वो 10 दिन बाद में बिल्कुल बदल जाए। इसीलिए किसी भी चीज़ को तुरंत खरीदिए मत ज़रा सोचिए भाई पैसा बचाइए, ये आपकी मेहनत की कमाई है अगर आपकी मेहनत की नहीं है। तो आपके घर वालों की मेहनत की कमाई होगी। जितना पैसा कमा रहे हो ना उसको इन्वेस्ट कीजिए और वहाँ से जो पैसा है उसको फिर से रेंवेस्ट कीजिए और वहाँ से फिर जो प्रॉफिट निकल के आए उससे अपने खर्चे निकालिए। ये होता है एक मास्टर फाइनैंशल प्लान कमाइए, बचाइए इन्वेस्ट कीजिए और इन्वेस्ट के प्रॉफिट से अपना खर्चा निकालिए। आपके पास पैसे कभी कम नहीं होंगे, आपके पास पैसे हमेशा बढ़ेंगे। आज आपके पास चाहे कितना ही पैसा हो, लेकिन आप केवल 1 दिन बिना पैसे के निकाल के देखिए और जब बिना पैसे के दिन निकालो तो यह भी याद रखना कि आपने जो कपड़े पहने रखे हैं ना वह भी पैसे से ही आते हैं जो बिजली आ रही है ना वो भी पैसों की ही है और जो खाना पीना आप खा रहे हो वो भी पैसों का ही है। तो यहाँ थी हमारी 10 पावरफुल आदतें।